खाने में प्यार के साथ साथ और जाने क्या क्या रस मिलाती थी मां। खाने में प्यार के साथ साथ और जाने क्या क्या रस मिलाती थी मां।
यूं भी जीना मैं सीख जाऊंगी। मैं नहीं जानती थी तुम बिन जीना भी मैं सीख जाऊंगी। यूं भी जीना मैं सीख जाऊंगी। मैं नहीं जानती थी तुम बिन जीना भी मैं सीख जा...
रोटी यूँ ही नहीं फूलती थी गुब्बारे सी रोटी यूँ ही नहीं फूलती थी गुब्बारे सी
जब हम तुमसे मिले थे हमारी दिल की बगिया में फूल तुम्हारे नाम के खिले थे ! जब हम तुमसे मिले थे हमारी दिल की बगिया में फूल तुम्हारे नाम के खिले थे !
वो थी वो थी
एक लड़की लक्ष्मी अभी अभी अठारह वर्ष की हुई थी। वह सदैव मर्दाना कपड़े पहनती थी। एक लड़की लक्ष्मी अभी अभी अठारह वर्ष की हुई थी। वह सदैव मर्दाना कपड़े पहनती थी...